रविवार, 18 जनवरी 2009

अब से २० दिन पहले मेरा कुक मुझे गोली दे के एक बार फ़िर से गायब हो चुका है...अपने मित्र के साथ सब्जी की सुपरमार्केट में गया तो याद आया की बहुत दिनों से पालक नही चखा है, सो हमने ४ गद्दी पालक ले ली.....अब घर आ कर समझ नही आया की इस का करू क्या!!! थोडी देर सोचा और अपनी scientific बुद्धि (माँ के अनुसार मेरे वो अनोखे तरीके जिस से काम का बेडा गर्क होना १००% तय है ) लगाई... फटाफट पालक उबाली और पानी निकाल दिया..थोड़ा सा चखा तो समझ में आ गया की माँ का scientific बुद्धि वाले भरोसे पे मई फ़िर से खरा उतरा हू ...पर मैंने हार नही मानी ... कडाई में थोड़ा सा सरसों का तेल डाला और फ़िर जीरा और लहसुन ....लहसुन लाल होने तक टला और उस में उबाली पालक, थोड़ा सा नमक और हल्का सा गरम मसाला दाल दिया...औरथोडी देर पकने दिया....जब सब्जी थोड़ा सूख गई तो उसे आच से उतार लिया...और सब्जी को ब्रेड क बीच भर के sandwitch बना लिया..खाया तो दिल खुश हो गया(यकीन मानिए अच्छा बना था )...एक sandwitch अपने मकान मालिक अंकल और आंटी को भी दिया...आप भी इसे try कर सकते है.....